वित्तीय आपातकाल(Financial Emergency) 🎯

चर्चा को आगे बढ़ाते हैं और बात करते हैं राष्ट्रपति द्वारा लागू की जाने वाली वित्तीय आपातकाल के बारे में 


आर्टिकल 360 राज्य को किसी प्रकार का खाक संकट मतलब अर्थव्यवस्था में समस्या अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संकट यह समस्या पर फाइनेंस इमरजेंसी यह वित्तीय आपातकाल लागू की जा सकती है 2 महीने के अंदर संसद की अनुमति जरूरी होती है अधिकतम अवधि पर भारतीय संविधान मोन है 



फाइनेंसियल इमरजेंसी का प्रभाव 
न्यायाधीशों का वेतन कम कर दिया जाता है राज्य बजट संघ सरकार की अनुमति से लागू होंगे अब तक एक भी बार फाइनेंसियल इमरजेंसी नहीं लगी है


विशेष अधिकार 

आर्टिकल 361 पद से संबंधित कर्तव्यों के निर्वहन के लिए राष्ट्रपति पर व राज्यपाल को दोषी नहीं ठहराया जा सकता किसी न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति राज्यपाल के खिलाफ पद अवधि तक अपराधी  कार्यवाही क्रिमिनल प्रोसिडिंग ना तो प्रारंभ की जा सकती ना चालू रखी जाएगी गिरफ्तारियां कारावास के लिए किसी भी न्यायालय द्वारा निर्देश नहीं दिया जा सकता पद ग्रहण से पहले या पश्चात अपने व्यक्तित्व क्षमता पर  किए गए कार्य के लिए पद अवधि के दौरान न्यायालय में सिविल प्रोसिडिंग प्रारंभ नहीं किया जा सकता जब तक कि इसकी सूचना 2 माह पूर्व ना दी गई हो





स्व शक्ति (Discretionary Power  )

लोकसभा में गठबंधन की सरकार में विशेष बहुमत न मिलने पर प्रधानमंत्री की नियुक्ति लोकसभा में बहुमत का  समर्थन खो दिया हो एग्जांपल इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद का मामला



आज हमने राष्ट्रपति को दी जाने वाली वित्तीय आपातकाल यह वित्तीय आपातकाल क्या है फाइनैंशल इमरजेंसी इसके बारे में चर्चा की है इसके अगले पोस्ट में हम उप राष्ट्रपति से संबंधित अध्याय या पोस्ट पर बात करेंगे तब तक अपना ख्याल रखें धन्यवाद


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