उपराष्ट्रपति(Vice-president) 🎯

चलिए डिस्कशन को और आगे बढ़ाते हैं और बात करते हैं आज उपराष्ट्रपति यानी कि वॉइस प्रेजिडेंट की क्या इसके योग्यताएं होनी चाहिए कि निर्वाचन विधि कैसे होती है इसकी शपथ का क्या हिसाब रहता है साथ ही कार्यकाल और वेतन एवं भत्ते के बारे में भी चर्चा करेंगे 


इसी डिस्कशन में आगे देखते हैं आर्टिकल 63 यह कहता है कि भारत के लिए एक उपराष्ट्रपति होंगे यह पद उपराष्ट्रपति का हमने यूएसए से लिया है इसका कोई विशेष कार्य नहीं होता यह विषम परिस्थितियों में जब राष्ट्रपति का पद खाली हो जाए तब उपराष्ट्रपति काम आता है यह उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के बतौर काम करता है 





योग्यता आर्टिकल 66 
.भारत के उप राष्ट्रपति की योग्यता को बताता है 
.वह भारत का नागरिक हो 
.न्यूनतम आयु 35 वर्ष 
.लाभ के पद पर ना हो 
.राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यता हो



 निर्वाचन मंडल कौन भाग लेते हैं संसद के सभी सदस्य साथ ही मनोनीत सदस्य भी भाग लेते हैं विधानसभा के सदस्य भाग नहीं लेते निर्वाचन मे


निर्वाचन विधि आर्टिकल 66 इस बात का बखूबी वर्णन करता है एकल संक्रमणीय अनुपातिक गुप्त मतदान प्रणाली या एकल हस्तांतरण प्रणाली राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के मेंबर का चुनाव इसी मेथड से होता है इसके चुनाव में गुप्त शब्द का उल्लेख नहीं है



 यदि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रत्याशी बतौर खड़े हैं तो इस स्थिति में उसको अपने नाम के प्रस्तावक और अनुमोदक 20
20 होने चाहिए लेकिन एक बार आप प्रस्तावक बतौर एक उम्मीदवार को सपोर्ट कर रहे हैं तो आप दोबारा किसी दूसरे उम्मीदवार को प्रस्तावक और अनुमोदक नहीं कर सकते यह प्रस्तावक व अनुमोदक वह हो जो उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट देने का मत रखते हैं यहां भी जमानत राशि ₹15000 और यदि उम्मीदवार निश्चित कोटा का 1 बटा 6 भाग पर वोट या मत हासिल नहीं करता तब यह राशि आरबीआई के पास जमा हो जाती है










 आर्टिकल 324

 चुनाव में गड़बड़ी पर मामला सुलझाने का हक सुप्रीम कोर्ट को होगा पीठासीन अधिकारी और निर्वाचन अधिकारी यह Lok S. महासचिव और Raj S. महासचिव होंगे 



आर्टिकल 71 तौर पर काम करेंगे यह दोनों अधिकारी बारी-बारी से चुनाव निर्वाचन अधिकारी तौर काम करते हैं जैसे राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा महासचिव और वाइस प्रेसिडेंट चुनाव में राज्य सभा महासचिव 



उपराष्ट्रपति चुनाव हेतु किसे संसद के पद रिक्त होने पर भी वह सदस्य जो निर्वाचक बन चुका है वह लोग चुनाव में भाग लेंगे निर्वाचन का मूल्य नहीं निकाला जा सकता




 शपथ

 इनके शपथ का उल्लेख राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति और राज्यपाल के शपथ का उल्लेख अनुसूचित 3 में नहीं है इनसे संबंधित अनुच्छेदों में है उप राष्ट्रपति के शपथ का उल्लेख आर्टिकल 69 में

 संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेता है मैं अपने पद और कर्तव्यों का निर्वाहन श्रद्धा पूर्वक करूंगा 
वह शपथ राष्ट्रपति दिलाता है




कार्यकाल आर्टिकल 67 

में उप राष्ट्रपति के कार्यकाल का वर्णन किया गया है उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 साल का होगा यदि किसी कारणवश उपराष्ट्रपति की मृत्यु व राष्ट्रपति को संबोधित करके अपना त्यागपत्र दे दे तो यथाशीघ्र चुनाव आयुक्त चुनाव कराएगा 6 महीने के अंदर
 करवायेगा और संविधान में इस 6 महीने की अवधि का उल्लेख उपराष्ट्रपति के लिए नहीं है


 और नया बनने वाला उपराष्ट्रपति अगले 5 सालों के लिए कार्यभार संभाल लेगा पुराने उपराष्ट्रपति के कार्य काल तक नहीं साथ ही है राष्ट्रपति में भी होता है साथ ही राज्यसभा अपने तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से प्रस्ताव जारी करता है और यह प्रस्ताव लोकसभा में पारित कर देता है तो ऐसी स्थिति में भी उपराष्ट्रपति को अपना पद छोड़ना होगा उपराष्ट्रपति के संदर्भ में संविधान मौन हैं कि कौन व्यक्ति कितने बार उपराष्ट्रपति बन सकता है लेकिन राष्ट्रपति के संबंध में संविधान मौन नहीं है आर्टिकल 57 राष्ट्रपति के संदर्भ में कोई भी व्यक्ति कितने बार राष्ट्रपति बन सकता है इसको बताता है 





सरपंच सरपंच समिति का सदस्य लोकसभा मेंबर विधान सभा मेंबर की मृत्यु हो जाने पर  उनका चुनाव बचे हुए अवधि के लिए करवाए जाते हैं 


आर्टिकल 67 उपराष्ट्रपति को कैसे हटाना है इसका उल्लेख करता है 


उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए किस आधार पर प्रस्ताव लाएगा इस बात का उल्लेख नहीं वह कारण जो राज्यसभा उचित समझता हैं इस प्रस्ताव पर चर्चा करने से पहले 14 दिन पहले इसकी सूचना उपराष्ट्रपति को दे दिया जाता है और उप राष्ट्रपति अपना सुझाव रख सकता है उपराष्ट्रपति को कैसे हटाना है इसका उल्लेख कार्यवाहक उप राष्ट्रपति नियुक्त किए जाने का कोई प्रावधान संविधान में नहीं है


 उपराष्ट्रपति के कार्य आर्टिकल 64 और 65  इसका उल्लेख करते हैं और उपराष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियों
उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं वाइस प्रेसिडेंट उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पद पर हो 

 अनुसूची दो विभिन्न पदाधिकारियों के वेतन का उल्लेख करती है 




वेतन एवं भत्ते


 चलिए आगे बढ़ते हैं उप राष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है अतः उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के सभापति का वेतन दिया जाता है ना कि उपराष्ट्रपति होने का अभी वर्तमान में उपराष्ट्रपति का राज्यसभा के सभापति के रूप में मासिक वेतन ₹400000 वेतन भारत की संचित निधि निधि से दिया जाता है उप राष्ट्रपति के वेतन एवं भत्ते इसकी पद अवधि के दौरान काम नहीं किए जा सकते वर्ष 1997 में उपराष्ट्रपति के लिए सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का भी प्रावधान कर दिया गया है राज्यसभा का अध्यक्ष   उस सदन का सदस्य नहीं होता   uprashtrapati राज्यसभा का सदस्य नहीं है फिर भी राज्यसभा का सभापति होता है 



कभी किसी निर्वाचन में लोकसभा और राज्यसभा का वोट ड्रायर फिक्स हो जाएं इस स्थिति में उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के पदेन सभापति बतौर निर्णायक मत देने का अधिकार है कभी उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए मैच ड्रा हो जाए मतलब राज्यसभा और लोकसभा का मत बराबर हो जाए इस स्थिति में उपराष्ट्रपति निर्णायक मत नहीं दे सकता किस हक से देगा अपने खिलाफ प्रस्ताव पर ऐसी स्थिति में उपसभापति को निर्णायक मत देने का अधिकार  नहीं होता है





 आर्टिकल 64 राज्यसभा के  विशेष अधिकारों का उल्लंघन करने वाले सदस्यों को दंडित भी करता है आर्टिकल 65 उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का पद खाली होने पर एक कारण या बस खाली होने वाला हो या  राष्ट्रपति के मृत्यु हमारी संसद में 1969 राष्ट्रपति के उत्तराधिकारी नियम भारत में उपराष्ट्रपति केवल अस्थाई रूप से राष्ट्रपति के पद को धारण करता है भारत में अब तक तीन कार्यवाहक राष्ट्रपति रह चुके हैं लेकिन दो लोग उपराष्ट्रपति होते हुए यह पद ग्रहण किए हैं


 एग्जांपल 1969 में हुसैन साहब के निधन के बाद VP गिरी कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य संभाले थे जब VP राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी गिरी इस्तीफा दे दिए तब चीफ जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाले

 1977 अली साहब के निधन के बाद उपराष्ट्रपति BD JATTI राष्ट्रपति के रूप में काम संभाला था





आज हमने उप राष्ट्रपति से संबंधित सारी पॉइंट लेवल अच्छे से बात किया इसके अगले पोस्ट में हम प्रधानमंत्री के बारे में बात करेंगे तब तक आप अपना ख्याल रखिए धन्यवाद... 

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